अब बिना आवाज भी आपकी बात समझेगा iPhone, Apple ला रहा है नया AI फीचर iphone AI

Apple हर साल अपने आईफोन में लेटेस्ट फीचर्स प्रदान करते हुए यूजर्स को अपग्रेड करता रहता है।

Apple हर साल अपने आईफोन में लेटेस्ट फीचर्स प्रदान करते हुए यूजर्स को अपग्रेड करता रहता है। अब एप्पल एक ऐसे फीचर पर काम कर रहा है, जिससे iPhone यूजर्स की बात सुनेगा और उनके चेहरे के भावों को देखकर उनके इशारों को भी समझेगा। दरअसल कंपनी ने एडवांस ऑडियो और इमेजिंग टेक्नोलॉजी पर काम करने वाली इजरायल की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप Q.ai को खरीदा है और एप्पल ने इस अधिग्रहण की पुष्टि गुरुवार को की है। हालांकि, इस अधिग्रहण की वित्तीय जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

 

इजरायली AI स्टार्टअप Q.ai का अधिग्रहण

Q.ai मशीन लर्निंग का उपयोग करके डिवाइसेज के जरिए साउंड को बेहतर तरीके से संभाल सकता है, खासतौर पर कठिन परिस्थितियों में काम करता है। यह स्टार्टअप ऐसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है जो डिवाइसेज को फुसफुसाहट को समझने और शोरगुल वाले वातावरण में ऑडियो को साफ करने में मदद करती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि Q.ai फेस की स्किन में होने वाली छोटी सी हलचलों का पता लगाकर धीरे से बोले गए शब्दों को समझने के काम पर करता है।

 

शोरगुल में भी साफ सुनेगा iPhone

 

बीते साल कंपनी ने एक पेटेंट दर्ज किया था, जिसमें बताया गया था कि फेस की स्किन की छोटी हलचलों का उपयोग भाषण पढ़ने, इंसान की पहचान करने और भावनात्मक स्थिति, हृदय गति और सांस लेने के पैटर्न का अनुमान लगाने के लिए कैसे किया जा सकता है। इससे आगामी Apple डिवाइस यह समझ सकेंगे कि यूजर्स क्या कह रहे हैं, चाहे उनकी आवाज मुश्किल से सुनाई दे रही हो या शायद बिल्कुल भी सुनाई न दे रही है।

 

चेहरे की हलचल से समझेगा शब्द

 

Apple हर साल अपने आईफोन में लेटेस्ट फीचर्स प्रदान करते हुए यूजर्स को अपग्रेड करता रहता है। अब एप्पल एक ऐसे फीचर पर काम कर रहा है, जिससे iPhone यूजर्स की बात सुनेगा और उनके चेहरे के भावों को देखकर उनके इशारों को भी समझेगा। दरअसल कंपनी ने एडवांस ऑडियो और इमेजिंग टेक्नोलॉजी पर काम करने वाली इजरायल की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप Q.ai को खरीदा है और एप्पल ने इस अधिग्रहण की पुष्टि गुरुवार को की है। हालांकि, इस अधिग्रहण की वित्तीय जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

 

Q.ai मशीन लर्निंग का उपयोग करके डिवाइसेज के जरिए साउंड को बेहतर तरीके से संभाल सकता है, खासतौर पर कठिन परिस्थितियों में काम करता है। यह स्टार्टअप ऐसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रहा है जो डिवाइसेज को फुसफुसाहट को समझने और शोरगुल वाले वातावरण में ऑडियो को साफ करने में मदद करती है। ध्यान देने वाली बात यह है कि Q.ai फेस की स्किन में होने वाली छोटी सी हलचलों का पता लगाकर धीरे से बोले गए शब्दों को समझने के काम पर करता है।

 

बीते साल कंपनी ने एक पेटेंट दर्ज किया था, जिसमें बताया गया था कि फेस की स्किन की छोटी हलचलों का उपयोग भाषण पढ़ने, इंसान की पहचान करने और भावनात्मक स्थिति, हृदय गति और सांस लेने के पैटर्न का अनुमान लगाने के लिए कैसे किया जा सकता है। इससे आगामी Apple डिवाइस यह समझ सकेंगे कि यूजर्स क्या कह रहे हैं, चाहे उनकी आवाज मुश्किल से सुनाई दे रही हो या शायद बिल्कुल भी सुनाई न दे रही है।

 

AirPods और Vision Pro में मिल सकता है फायदा

 

Apple ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि वह Q.ai की टेक्नोलॉजी का उपयोग कैसे करने का प्लान बना रहा है। बीते एक साल में Apple ने अपने प्रोडक्ट में खासतौर पर ऑडियो में एआई बेस्ड फीचर्स को लगातार जोड़ा है। इसके AirPods पहले से ही लाइव ट्रांसलेशन का सपोर्ट करते हैं। Apple डिवाइस को रियल वर्ल्ड की साइंड कंडीशन के अनुकूल बनाने के लिए नए तरीके खोज रहा है। एप्पल सूक्ष्म चेहरे की मांसपेशियों की एक्टिविटी का पता लगाने वाला सिस्टम तैयार कर रहा है, जिससे विजन प्रो हेडसेट जैसे डिवाइस पर बेहतर अनुभव मिल सकता है।

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